सिग्नल खुलने का इंतजार करता ट्रैफिक, लेफ्ट टर्न भी नहीं आसान: जांजगीर के नेताजी-कचहरी चौक पर व्यवस्था सुधारने की जरूरत
सिग्नल खुलने का इंतजार करता ट्रैफिक, लेफ्ट टर्न भी नहीं आसान: जांजगीर के नेताजी-कचहरी चौक पर व्यवस्था सुधारने की जरूरत जांजगीर-चांपा। जिला मुख्यालय जांजगीर में यातायात व्यवस्था इन दिनों बढ़ते...
सिग्नल खुलने का इंतजार करता ट्रैफिक, लेफ्ट टर्न भी नहीं आसान: जांजगीर के नेताजी-कचहरी चौक पर व्यवस्था सुधारने की जरूरत
जांजगीर-चांपा। जिला मुख्यालय जांजगीर में यातायात व्यवस्था इन दिनों बढ़ते दबाव के बीच चुनौती बनती जा रही है। शहर के प्रमुख नेताजी चौक और कचहरी चौक पर ट्रैफिक सिग्नल व्यवस्था लागू है, लेकिन संकरे रास्तों और आसपास की दुकानों के सामने खड़े वाहनों के कारण वाहन चालकों को लेफ्ट टर्न लेने में भी परेशानी होती है। गणेश चतुर्थी के चलते शाम के समय यह समस्या और बढ़ गई है।
लेफ्ट टर्न के लिए भी सिग्नल का इंतजार
यातायात व्यवस्था में सामान्य तौर पर लेफ्ट जाने वाले वाहनों के लिए रास्ता सुगम रखने की जरूरत होती है, लेकिन इन दोनों प्रमुख चौकों पर कई बार लेफ्ट जाने के लिए भी सिग्नल खुलने का इंतजार करना पड़ता है। इससे एक दिशा का ट्रैफिक रुकने के साथ दूसरी दिशा में जाने वाले वाहनों पर भी दबाव बढ़ जाता है।
लिंक रोड से नेताजी चौक तक ज्यादा परेशानी
लिंक रोड की ओर से नेताजी चौक पहुंचने और वहां से कचहरी चौक की तरफ जाने वाले वाहन चालकों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ता है। सड़क के दोनों ओर दुकानों के सामने वाहनों की पार्किंग और ग्राहकों की भीड़ के कारण सड़क की उपयोगी चौड़ाई कम हो जाती है। ऐसे में वाहन चालक लेफ्ट टर्न लेते समय भी आसानी से आगे नहीं बढ़ पाते।
गणेश उत्सव में बढ़ा ट्रैफिक दबाव
गणेश उत्सव के कारण शाम के समय शहर में सामान्य दिनों की तुलना में वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है। ऐसे में सिग्नल पर वाहनों की कतार लंबी होने से चौक और आसपास की सड़कों पर जाम जैसी स्थिति बनने लगती है। इसका सीधा असर आम वाहन चालकों पर पड़ रहा है।
एम्बुलेंस को रास्ता दिलाने पुलिस को उतरना पड़ता है सड़क पर
सबसे अहम स्थिति तब बनती है जब कोई एम्बुलेंस या जरूरी काम से जा रहा वाहन ट्रैफिक में फंस जाता है। एम्बुलेंस को रास्ता देने के लिए यातायात पुलिस को कई बार मौके पर खुद उतरकर वाहनों को हटाना पड़ता है। एम्बुलेंस को रास्ता देना जरूरी है, लेकिन सवाल यह है कि सामान्य परिस्थितियों में भी ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए स्थायी व्यवस्था क्या हो?
व्यवस्था में छोटे बदलाव से मिल सकती है बड़ी राहत
शहरवासियों का कहना है कि ट्रैफिक सिग्नल व्यवस्था को बनाए रखते हुए लेफ्ट टर्न के लिए अलग से सुगम मार्ग, चौक के आसपास नो-पार्किंग क्षेत्र का प्रभावी पालन, दुकानों के सामने अनियंत्रित पार्किंग पर कार्रवाई और पीक ऑवर में ट्रैफिक पुलिस की अतिरिक्त व्यवस्था की जा सकती है।
गणेश उत्सव जैसे अवसरों पर ट्रैफिक दबाव को देखते हुए इन दोनों चौकों की यातायात व्यवस्था का मौके पर निरीक्षण कर आवश्यक बदलाव किए जाएं तो वाहन चालकों को राहत मिल सकती है। शहर की बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या को देखते हुए अब जांजगीर के प्रमुख चौकों की यातायात व्यवस्था को सिर्फ सिग्नल आधारित नहीं, बल्कि ग्राउंड स्थिति के अनुसार व्यवस्थित करने की जरूरत महसूस हो रही है।