जांजगीर में लंच पॉलिटिक्स से गरमाया सियासी माहौल: नारायण चंदेल के घर पहुंचे वित्त मंत्री ओपी चौधरी, बंद कमरे में हुई चर्चा
जांजगीर में लंच पॉलिटिक्स से गरमाया सियासी माहौल: नारायण चंदेल के घर पहुंचे वित्त मंत्री ओपी चौधरी, बंद कमरे में हुई चर्चा प्रदेश अध्यक्ष की रेस की चर्चाओं के बीच मुलाकात के कई मायने; बैठक को...
जांजगीर में लंच पॉलिटिक्स से गरमाया सियासी माहौल: नारायण चंदेल के घर पहुंचे वित्त मंत्री ओपी चौधरी, बंद कमरे में हुई चर्चा
प्रदेश अध्यक्ष की रेस की चर्चाओं के बीच मुलाकात के कई मायने; बैठक को भाजपा की कोर कमेटी से भी जोड़कर देखा जा रहा
प्रकाश शर्मा
जांजगीर। छत्तीसगढ़ भाजपा में संगठनात्मक हलचल के बीच जांजगीर का सियासी पारा अचानक चढ़ गया है। पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता नारायण चंदेल के निवास पर प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी के पहुंचने से राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। दोनों नेताओं के बीच मुलाकात के साथ लंच पॉलिटिक्स भी हुई। हालांकि मुलाकात को संगठनात्मक बैठक बताया जा रहा है, लेकिन जिस तरह से यह बैठक चंदेल के निजी निवास पर हुई, उसने इसके सियासी मायने और बढ़ा दिए हैं।
बताया जा रहा है कि भाजपा के संगठन से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा के लिए यह बैठक रखी गई थी। इसे पार्टी की कोर कमेटी की बैठक भी बताया जा रहा है। हालांकि भाजपा में आमतौर पर ऐसी अहम बैठकें पार्टी कार्यालय या निर्धारित संगठनात्मक स्थलों पर होती हैं। ऐसे में वरिष्ठ नेता के निजी निवास पर वित्त मंत्री की मौजूदगी को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
चंदेल के नाम की चर्चा ने बढ़ाई उत्सुकता
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। इन चर्चाओं में नारायण चंदेल का नाम भी सामने आया है। चंदेल पूर्व नेता प्रतिपक्ष और विधानसभा उपाध्यक्ष रह चुके हैं तथा संगठन और सदन दोनों का लंबा अनुभव रखते हैं।
ऐसे में प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री ओपी चौधरी का चंदेल के घर पहुंचना और वहां लंबी राजनीतिक चर्चा होना स्वाभाविक तौर पर सियासी नजरों में आ गया है।
हालांकि भाजपा की ओर से चंदेल को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा या पुष्टि नहीं हुई है। बल्कि प्रदेश भाजपा ने हाल ही में प्रदेश नेतृत्व में बदलाव की खबरों को निराधार बताते हुए कहा है कि ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
मुलाकात सामान्य या संगठन की बड़ी रणनीति?
अब सवाल यही है कि यह महज एक सामान्य मुलाकात थी या इसके पीछे संगठन से जुड़ी कोई बड़ी रणनीति है? लंच के दौरान किन मुद्दों पर चर्चा हुई, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। लेकिन प्रदेश भाजपा में संगठनात्मक चर्चाओं के बीच हुई इस मुलाकात ने अटकलों को जरूर हवा दे दी है।
खास बात यह भी है कि ओपी चौधरी जांजगीर-चांपा जिले के प्रभारी मंत्री भी हैं और इससे पहले भी जिले में संगठनात्मक बैठकों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है।
फिलहाल भाजपा की तरफ से बैठक को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन चंदेल के घर चौधरी का पहुंचना, लंच पॉलिटिक्स और कोर कमेटी की चर्चा—इन तीनों ने जांजगीर की सियासत को जरूर गरमा दिया है।