पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष नारायण चंदेल के नाम से फर्जी फेसबुक अकाउंट
जांजगीर-चांपा। साइबर ठग अब जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक हस्तियों के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को ठगी का शिकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं। जांजगीर-चांपा में पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता...
जांजगीर-चांपा। साइबर ठग अब जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक हस्तियों के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को ठगी का शिकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं। जांजगीर-चांपा में पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता नारायण चंदेल के नाम और फोटो से फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाए जाने का मामला सामने आया है। इस अकाउंट से लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजने के बाद चैट के जरिए पैसों की मांग की जा रही है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद नारायण चंदेल ने खुद सोशल मीडिया के जरिए लोगों को सतर्क किया है। उन्होंने अपील की है कि उनके नाम से बने किसी भी संदिग्ध फेसबुक अकाउंट की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें और पैसों से जुड़ा कोई संदेश मिलने पर किसी भी तरह का लेन-देन न करें।
फर्जी आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट, फिर पैसों की मांग
बताया जा रहा है कि साइबर ठगों ने नारायण चंदेल की तस्वीर और नाम का इस्तेमाल कर फेसबुक पर फर्जी प्रोफाइल बनाई है। इसके जरिए परिचितों और अन्य लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जा रही है। संपर्क होने के बाद मैसेंजर चैट के जरिए पैसों की जरूरत बताकर आर्थिक मदद मांगी जा रही है।
नारायण चंदेल ने लोगों से कहा है कि उनके नाम से यदि किसी भी व्यक्ति को पैसों की मांग वाला संदेश मिले तो उस पर भरोसा न करें और संदिग्ध अकाउंट की जानकारी संबंधित प्लेटफॉर्म अथवा साइबर पुलिस को दें।
बिलासपुर में पूर्व विधायक रजनीश सिंह के नाम से भी हुई कोशिश
इसी तरह का मामला हाल ही में बिलासपुर में पूर्व विधायक रजनीश सिंह के नाम से सामने आया है। उनके नाम और फोटो का इस्तेमाल कर फर्जी फेसबुक आईडी बनाई गई थी और परिचितों व शुभचिंतकों से संपर्क कर पैसों की मांग की गई थी। मामले की जानकारी सामने आने के बाद उनके समर्थकों और स्थानीय नेताओं ने लोगों को सावधान किया था।
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से साफ है कि साइबर ठग अब आम लोगों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों की पहचान का भी इस्तेमाल कर भरोसा हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर किसी परिचित के नाम से आई फ्रेंड रिक्वेस्ट या आर्थिक मदद के संदेश पर बिना पुष्टि किए भरोसा करना भारी पड़ सकता है।