नेटबॉल खिलाड़ी राजेश राठौर को मिला शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार
बचपन से खेल के प्रति समर्पित, वर्ष 2023-24 की सूची में जांजगीर-चाम्पा जिले के इकलौते खिलाड़ी; नॉन-ओलंपिक खेल वर्ग में नेटबॉल के लिए सम्मान जांजगीर-चाम्पा। जिले के खेल जगत के लिए गौरव की खबर है।...
बचपन से खेल के प्रति समर्पित, वर्ष 2023-24 की सूची में जांजगीर-चाम्पा जिले के इकलौते खिलाड़ी; नॉन-ओलंपिक खेल वर्ग में नेटबॉल के लिए सम्मान
जांजगीर-चाम्पा। जिले के खेल जगत के लिए गौरव की खबर है। छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने वर्ष 2023-24 और 2024-25 के लिए राज्य के प्रतिभावान खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को दिए जाने वाले खेल पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। वर्ष 2023-24 की सूची में जांजगीर-चाम्पा जिले से नेटबॉल खिलाड़ी राजेश राठौर का चयन प्रतिष्ठित ‘शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार’ के लिए हुआ है। वे इस सूची में जिले के इकलौते खिलाड़ी हैं।
राजेश राठौर को यह सम्मान नॉन-ओलंपिक खेल वर्ग में नेटबॉल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन और उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया है। उनकी इस उपलब्धि से जिले के खेल प्रेमियों में खुशी का माहौल है।
2001 से नेटबॉल से जुड़े हैं राजेश
राजेश राठौर बचपन से ही खेल के प्रति समर्पित रहे हैं। वे वर्ष 2001 से लगातार नेटबॉल खेल से जुड़े हुए हैं। खेल के प्रति उनकी मेहनत और उपलब्धियों को देखते हुए वर्ष 2006-07 में जूनियर वर्ग के सर्वोच्च ‘शहीद कौशल यादव सम्मान’ से भी उन्हें सम्मानित किया जा चुका है।
करीब दो दशक बाद उन्हें सीनियर वर्ग का यह प्रतिष्ठित सम्मान मिला है। यह पुरस्कार वर्ष 2023-24 तक उनके खेल क्षेत्र में किए गए प्रदर्शन और योगदान के आधार पर प्रदान किया गया है।
इंजीनियर के साथ खेल प्रशासन में भी जिम्मेदारी
राजेश राठौर वर्तमान में प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड, चांपा में इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। नौकरी के साथ उन्होंने खेल के प्रति अपने जुड़ाव को लगातार बनाए रखा। नेटबॉल के क्षेत्र में उनकी सक्रियता और संगठनात्मक योगदान को देखते हुए हाल ही में उन्हें नेटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया का ज्वाइंट सेक्रेटरी मनोनीत किया गया है।
इससे पहले वे नेटबॉल फेडरेशन में छत्तीसगढ़ राज्य के जनरल सेक्रेटरी की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं।
जिले के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा
राजेश राठौर की उपलब्धि को जांजगीर-चाम्पा के खेल जगत के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बचपन से खेल के प्रति समर्पण, लगातार अभ्यास और करीब 25 वर्षों की खेल यात्रा के बाद मिले इस सम्मान ने जिले के युवा खिलाड़ियों के लिए भी नई प्रेरणा दी है। उनकी उपलब्धि से न केवल परिवार और जिले का गौरव बढ़ा है, बल्कि नेटबॉल जैसे खेल को भी नई पहचान मिलने की उम्मीद है।